चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील का असर अब राज्यों में भी साफ दिखाई देने लगा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार सुबह साइकिल चलाकर सड़क पर निकले और सुखना लेक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मॉर्निंग वॉक की और लोगों से मुलाकात कर ‘स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा’ का संदेश दिया।
सुबह साइकिल से पहुंचे सुखना लेक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुबह साइकिल से सफर करते हुए सुखना लेक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से बातचीत की और फिटनेस व स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने की अपील भी की। मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को ध्यान में रखते हुए यह पहल की है। हाल ही में पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की थी।
विकसित भारत के संकल्प में साथ आने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सभी लोगों को विकसित भारत के संकल्प में भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी अपनी ओर से कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने एसओपी जारी करते हुए वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों को अपनाने का फैसला लिया है, ताकि ईंधन की बचत हो सके और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
पीएम मोदी की अपील के बाद बदले कई राज्यों के हालात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की अपील की थी। इसके बाद कई राज्यों में सरकारों ने अपने काफिलों को छोटा करना शुरू कर दिया।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में भी वाहनों की संख्या कम किए जाने की चर्चा रही। वहीं कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी अब सीमित वाहनों के साथ सफर करते नजर आ रहे हैं।
दिल्ली सरकार के कई मंत्री और मुख्यमंत्री तक मेट्रो में यात्रा करते दिखाई दिए थे। इसके अलावा बीजेपी नेताओं ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर जोर देना शुरू किया है।
विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री की अपील के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश भी की। विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां हैं, जिनकी वजह से प्रधानमंत्री को देशवासियों से इस तरह की अपील करनी पड़ रही है।
हालांकि बीजेपी और सरकार की ओर से इसे ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
